राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सालोली (रैणी) में अलवर ई-विद्या प्रोजेक्ट का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन
आपका स्वागत है हमारे खास व्लॉग में, जहां एक ऐसे शैक्षिक परिवर्तन जिसने एक छोटे से गांव सालोली(रैणी) के उच्च माध्यमिक विद्यालय की तस्वीर ही बदल दी है।
हम बात कर रहे हैं कलेक्टर महोदय द्वारा संचालित अलवर ई-विद्या प्रोजेक्ट की, जो कि डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
सालोली गांव का यह विद्यालय अब पिछड़ेपन की छवि को तोड़ते हुए तकनीक से जुड़ चुका है। स्मार्ट क्लासरूम, प्रोजेक्टर, डिजिटल बोर्ड, और इंटरनेट जैसी सुविधाएं यहाँ अब आम बात हो गई हैं।
प्रधानाचार्य जी:
“ई-विद्या प्रोजेक्ट के माध्यम से हमारे विद्यार्थियों को अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहना पड़ता। वो वर्चुअल लैब्स, वीडियो लेक्चर और ऑनलाइन टेस्ट से सीखने में और भी ज्यादा रुचि लेने लगे हैं।”
छात्रों की आंखों में अब एक नया आत्मविश्वास है। चाहे वो विज्ञान की कोई जटिल थ्योरी हो या गणित का कठिन सवाल – हर विषय अब बच्चों के लिए रोचक बन गया है।
"पहले हम सिर्फ किताबों से पढ़ते थे, लेकिन अब हम वीडियो देखकर समझ सकते हैं। इससे पढ़ाई आसान हो गई है"


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